जयपुर मेट्रो फेज-2 को केंद्र सरकार की मंजूरी — 41 किमी, 36 स्टेशन, ₹13,037 करोड़

जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंजूरी: 41 किमी, 36 स्टेशन, ₹13,037 करोड़ की परियोजना | Jaipur Metro Phase 2

नई दिल्ली/जयपुर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को जयपुर मेट्रो फेज-2 को औपचारिक मंजूरी प्रदान कर दी। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए बताया कि यह परियोजना 13,037.66 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की जाएगी और इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।

यह परियोजना केंद्र सरकार और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। जयपुर शहर में सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह अब तक का सबसे बड़ा निवेश माना जा रहा है।

कहाँ से कहाँ तक जाएगा कॉरिडोर?

यह नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर प्रहलादपुरा से शुरू होकर टोडी मोड़ तक फैला होगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 41 किलोमीटर होगी जिसमें 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। जयपुर एयरपोर्ट के निकट भूमिगत (अंडरग्राउंड) मेट्रो स्टेशन निर्मित किए जाएंगे।

कौन-कौन से प्रमुख क्षेत्र जुड़ेंगे?
फेज-2 के तहत इन प्रमुख इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ा जाएगा: सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआईए (VKIA), जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा, टोंक रोड, एसएमएस हॉस्पिटल एवं स्टेडियम, अंबाबाड़ी और विद्याधर नगर। मौजूदा फेज-1 से इंटरचेंज व फीडर सेवाओं के जरिए इसे जोड़ा जाएगा, जिससे शहर में एकीकृत मेट्रो नेटवर्क तैयार होगा।

यात्रियों की संख्या में होगी बड़ी बढ़ोतरी
वर्तमान में जयपुर मेट्रो फेज-1 पर प्रतिदिन लगभग 60,000 यात्री सफर करते हैं। फेज-2 चालू होने के बाद यह संख्या कई गुना बढ़ने की उम्मीद है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और वायु प्रदूषण में भी सुधार होगा।

राजस्थान सरकार की प्रतिक्रिया

इस मंजूरी को राजस्थान सरकार और जयपुर नगर निगम ने ऐतिहासिक बताया है। मुख्यमंत्री ने इसे जयपुर के विकास में मील का पत्थर करार दिया। परियोजना से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि जयपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में मजबूत पहचान भी मिलेगी।



निष्कर्ष: जयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा। 2031 तक यह परियोजना जयपुर को एक आधुनिक, पर्यावरण-अनुकूल और सुलभ महानगर बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।