सांभर झील राजस्थान: भारत की सबसे बड़ी खारी झील
सांभर झील (Sambhar Lake), राजस्थान का प्रमुख पर्यटन स्थल
सांभर झील (Sambhar Lake in Hindi) भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी (नमकीन) झील है, जो राजस्थान के जयपुर जिले में स्थित है। यह झील जयपुर से लगभग 80 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और अजमेर से 64 किलोमीटर उत्तर-पूर्व दिशा में स्थित है। सांभर झील न केवल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका भौगोलिक, पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व भी अत्यंत व्यापक है।
यह झील पुराने सांभर शहर को चारों ओर से घेरे हुए है और रामसर साइट के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो इसके अंतरराष्ट्रीय पारिस्थितिक महत्व को दर्शाता है।
सांभर झील का सामान्य परिचय
सांभर झील लगभग 190 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैली हुई है और राजस्थान में नमक उत्पादन का सबसे बड़ा केंद्र मानी जाती है। यहां प्रतिवर्ष लाखों टन उच्च गुणवत्ता वाला नमक उत्पादित किया जाता है।
यह झील हजारों प्रवासी पक्षियों जैसे फ्लेमिंगो, पेलिकन, क्रेन और अन्य जलपक्षियों का प्रमुख शीतकालीन आवास है, जिससे यह पक्षी-प्रेमियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती है।
UPSC और प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्व
सांभर झील UPSC IAS परीक्षा के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।
यह:
- प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
- सामान्य अध्ययन पेपर-1 (भूगोल)
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
- करंट अफेयर्स
से सीधे संबंधित है।
सांभर झील की प्रमुख विशेषताएं
उच्च वाष्पीकरण दर के कारण नमक की मोटी परत जम जाती है
यह एक उथली खारी झील है, जिसकी औसत गहराई लगभग 3 मीटर है
झील की लवणता 8–21% तक पाई जाती है
झील में कई छोटे द्वीप स्थित हैं
पारिस्थितिक और आर्थिक महत्व
सांभर झील राजस्थान में नमक उत्पादन का प्रमुख स्रोत है और भारत के कुल नमक उत्पादन का लगभग 9% योगदान देती है।
यहां सरकारी कंपनी सांभर साल्ट्स लिमिटेड (SSL) द्वारा नमक उत्पादन किया जाता है।
यह झील:
- प्रवासी पक्षियों का आवास
- जैव विविधता का केंद्र
- स्थानीय समुदायों की आजीविका
- पर्यटन और रोजगार
के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
भौगोलिक स्थिति और जल निकासी
सांभर झील:
- अरावली पर्वतमाला और सांभर-मथानिया फॉल्ट के बीच स्थित है
- लूनी, जवाई, रूपनगढ़ जैसी नदियों एवं मौसमी नालों से पोषित होती है
- झील का कोई प्राकृतिक बहिर्वाह नहीं है
- पानी का निकास मुख्यतः वाष्पीकरण द्वारा होता है
स्थलाकृति और मिट्टियाँ
- झील का तल समतल एवं नमक से ढका हुआ है
- आसपास रेत के टीले, चट्टानी पहाड़ियाँ और झाड़ियाँ पाई जाती हैं
- प्रमुख मिट्टियाँ:
- जलोढ़ मिट्टी
- लवणीय मिट्टी
खेजड़ी और बेर जैसे वृक्ष यहां की शुष्क जलवायु के अनुकूल हैं।
https://en.wikipedia.org/wiki/Sambhar_Salt_Lake
संरक्षण की स्थिति
सांभर झील:
- रामसर साइट
- वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित
- सांभर झील संरक्षण क्षेत्र के अंतर्गत आती है
सांभर झील से जुड़े प्रमुख खतरे
- औद्योगिक व घरेलू प्रदूषण
- भूजल का अत्यधिक दोहन
- जलवायु परिवर्तन
- अतिक्रमण
- बांधों का निर्माण
इन कारणों से झील का जलस्तर और जैव विविधता प्रभावित हो रही है।
राजस्थान सरकार की नवीनतम योजना
राजस्थान सरकार ने सांभर झील के पुनर्जीवन हेतु नई योजना शुरू की है, जिसमें शामिल हैं:
- फ्लोटिंग वेटलैंड
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
- सौर ऊर्जा पंप
- राष्ट्रीय झील संरक्षण कार्यक्रम (NLCP) के अंतर्गत कार्य
निष्कर्ष
सांभर झील राजस्थान की प्राकृतिक धरोहर, पर्यटन स्थल, पारिस्थितिक संतुलन का आधार और UPSC के लिए महत्वपूर्ण विषय है। इसका संरक्षण न केवल पर्यावरण बल्कि स्थानीय समुदायों के भविष्य के लिए भी आवश्यक